सबसे बड़ी सत्ता
समय के व्यापक संदर्भों में,
संभव है,
जो सत्ता में नहीं है,
वह सबसे बड़ी सत्ता है,
या सबसे बड़ी सत्ता बन जाये - -
वैसे ही जैसे,
आकाश उन्मुक्त होकर ऊँचा हो जाता है,
धरती ह्रदय से फैल कर विशद हो जाती है,
हवा खुले मन से बह कर चारों ओर पसर जाती है,
जन-मन तक पहुँच जाती है ।
यों, एक गाँधी
जन-आंदोलन बन जाता है,
यों, एक जयप्रकाश
सत्ता की भ्रष्ट शाही तानों के विरूद्ध
खड़ा हो जाता है,
यों, एक मार्टिन लूथर किंग,
व्यवस्था के विकृत रंगों-भेदों के विरूद्ध
एक महान स्वप्न-स्वर हो जाता है -
सबसे बड़ी सत्ता बनकर।
- सतीश
SuJu Coffee, Fremont, California
27 Dec, 2020
इस कविता की व्यपकता मुझे अच्छी लगी
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