जोड़ की शक्ति
जीवन में, जीवन-संबंधों में,
अक्सर, जोड़ की शक्तियाँ
और ‘घटाव’ की प्रवृत्तियाँ
साथ-साथ रहती हैं-
अपनी-अपनी अस्मिता,
अपनी-अपनी भूमिका के साथ ।
‘जोड़’ को बढ़ाते रहो,
‘घटाव’ को हटाते रहो,
यही संबंधों को निभाने का,
उसे दूर तक खींच लाने का,
सकारात्मक भावनाओं के मानचित्र गढ़ने का,
जीवन को शालीन उच्चता तक उठाने का,
सबसे सहज, सबसे सरल
पथ है, पथ-मंत्र भी ।
- सतीश
18- दिसंबर - 2020
ये बहुत अच्छी कविता है
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