पानी-बेमानी

मानता हूँ भाई,

ग़रीबों के आँसू 

निरर्थक पानी होते हैं!

साथ-साथ 

यह भी जानता आया हूँ 

कि अमीरों के कहकहे 

अक्सर बेपर्द-बेमानी होते हैं। 


       - सतीश 

       3 April, 2021. 


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