लताजी की महायात्रा !
सरस्वती-पुत्री की महायात्रा!
सुर की पूजा करते-करते,
गायन-वादन में बस कर!
स्वयं सरस्वती की प्रतिमूर्ति वह,
सुरधाम, सुरलोक, स्वयं सुर-साधना वह!
स्वर-महानिधि ने खो दी एक तपस्या,
परम कला-ज्योति कहीं चली गयी,
नई राग-चेतना में लीन हुई!
-सतीश
Feb 6, 2022.
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