नयी भोर की बारी है!

नयी भोर की बारी है! 


प्रकृति ने नया विधान किया,

उज्ज्वल सत्व-बोधों का संधान किया,

क्षितिज पर मूल्यों को नया मान मिला, 

अग-जग को सुंदर परिधान मिला,

तिमिर-व्यवस्था से परित्राण मिला! 


तम के अनियंत्रित तत्वों, व्यक्तित्वों,

अराजकताओं के अंहकारों, आलापों को 

अपनी परिसीमा का ज्ञान हुआ।


नव रव-रंग, नव राग-लक्ष्य,

आशाओं, संभावनाओं,

योग, संयोग, प्रयोग से भरी-भरी

यह नयी भोर की बारी है! 


सतीश 

Jan 30, 2022. 


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