कला-अभिव्यक्ति (2)(TheKashmirFiles) !
The Kashmir Files के विरूद्ध
अनियंत्रित आलोचनाएँ आयीं,
अराजक आरोप आये;
नकारी शक्तियों के अचूक प्रहार,
तथाकथित उच्च शिखरों की चुप्पी,
बहिष्कारों, दुष्प्रचारों के साथ-साथ
तरह-तरह के हथकंडे खुल कर सामने आये,
भिन्न-भिन्न तरकीबों ने अपने चरित्र दिखाये!
समय के नकारात्मक तत्त्व
पूरी कुंठा के साथ व्यस्त हैं!
“प्रेम” के अद्भुत “प्रयोग” में
इन्हें परहेज़ है सत्य के अंश से;
“शांति” की “साधना” में
हत्या-हत्यारों, बलात्कारों-चित्कारों से नहीं,
उन्हें घृणा है यथार्थ-अंकन, चित्रण, चित्रांकन से;
यही उनका भीतरी पट है,
चित्र है, चित्रपट है!
The Kashmir Files के
ये विरोधी, विदूषक, वीभत्स अवरोधी
नाहक भूल जाते हैं कि
यह पक्ष नहीं, विपक्ष नहीं,
एक भीषण, नग्न सत्य, तथ्य है,
हमारी आदि-संस्कृति की सृजन-भूमि में
मानवता के संहार का एक सवाक् कथ्य है!
अंतत:,
न्यायालय ने कुप्रयासों को अस्वीकृत किया,
जनता ने अथाह समर्थन दिया,
पूरे मन से अभिवादन किया;
कश्मीर में हुई मानव-त्रासदी के
अपने अबोध को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया,
अभूतपूर्व रूप से, अमिय श्रद्धा के साथ
जतायी अपनी गहरी, एकबद्ध भावनाएँ,
अपनी नैसर्गिक, रक्तबद्ध एकता!
व्यवस्था की दीर्घ क्रिया-शून्यता के विरूद्ध
गहरे क्रोध के उद्गार आये;
कचोटों, चोटों से बिंधकर लोगों ने
अर्पित किये अपने तप्त अश्रु-
कुछ प्रायश्चित के, कुछ पाप-बोध के;
यों, ज्ञान-शक्ति की पावन भूमि से होकर
गुजरी पूरे भारत की आत्मा!
संयुक्त, सशरीर, साकार हुए
संवेदनाओं के पुनीत वेद!
⁃ सतीश
15 March, 2022.
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