स्मृति-वल्लरी

स्मृति-वल्लरी  

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मन से लिपटी 

स्मृतियों की हरी-भरी वल्लरी

कोमलविह्वल-विभोर

अलसितनिमग्ननिर्विकार


चुपचाप सहारा ढूँढती

साथ ही सार्थक सहारा बनती,

जीवन-प्रकृति को निष्कलुष सजाती-सँवारती,

निरंतर अनंत भावों को सहास उकसाती ! 


मन से लिपटी,

री स्मृति-वल्लरी ! 


-सतीश 

May 24, 2023. 

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