दिवा-स्वप्न ?

दिवा-स्वप्न ? 

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तम का सहज गति से सिमट जाना,

भोर का लाल-लाल हो जाना

चहचहाते हुए खगों की टोली का 

आकाश की नीली-नीली चाहों के आर-पार जाना,

क्षितिज के तन से उत्सुकउत्फुल्ल 

सूरज का धीरे-धीरे ऊपर उठ जाना -


दिवा-स्वप्न है

या स्वप्न की सहज दिवा है? ! 


सतीश 

Oct 4, 2023. 

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