एक सभ्यता, एक यात्रा
एक सभ्यता, एक यात्रा
कुछ चेहरे हम पाते रहे,
कुछ चेहरे हम पहनते रहे!
एक पूरा युग बीत गया;
जाने-अनजाने, देखे-अनदेखे
हमारे चेहरे पर असंख्य चेहरे जमते रहे!
चेहरे पर चेहरे चढ़ते रहे!!
लोगों ने कहा - यह सभ्यता है,
कुछ लोगों ने बताया - यह यात्रा है!
—सतीश
28 दिसम्बर, 2023.
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