बलिदान-कथा
बलिदान-कथा
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भारत माँ के जीवन हेतु
जिसने अपने जीवन को वार दिया,
अपनी बचपना,जवानी,अपनी कहानी,
अपना परिवार,सारे सुख-संबंधों, नेह-बंधों,
नाते-रिश्तों को भूलकर जिसने माँ की वेदी को
अपने कर्म-आसक्त रक्त से सींच दिया ! -
यह उन महाधन्य संतानों की गाथा है!
मन के तारों में आसमान की स्वच्छ नील छवि,
रग-रग में मिट्टी की स्मृति का अमिय बोध लिये,
कृतज्ञता से सिक्त मन के सीधे भाव लिये यह
हमारे पूर्वजों के बलिदानों की विनीत मर्म-कथा है!
- सतीश
August 15, 2023.
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