औरों से नहीं

औरों से नहीं 

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राहों, तरीक़ों, लक्ष्यों को 

स्वच्छ-स्वस्थ रखने के लिए 

औरों से नहीं, 

कुछ सकारात्मक शिकायतें अपनों से भी होनी चाहिए ! 


जीवन-धर्म, व्यापक कर्म-मर्म को 

माँजते रहने के लिए

औरों की कम,

कुछ आलोचना अपनी भी होनी चाहिए ! 

समय-असमय होती रहनी चाहिए !


सतीश 

सितम्बर 27, 2024

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