मैंने प्यार को

मैंने प्यार को 

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मैंने प्यार को कभी ठीक-ठीक जाना नहीं,

बस यों ही तेरी आँखों से उसे देख लिया; -

उसकी लय में, उसके वलय में 

घुल गया, फिसल गया, ढल गया;

उसकी वर्तनी में जुड़ गया -

कभी संक्षिप्त होते हुए, 

कभी युक्त-संयुक्त होते हुए! 


सतीश 

मार्च 10, 2025. 


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