जो प्रेम में है

जो प्रेम में है


जो प्रेम में है,

वो कभी ख़ाली रहता है क्या, 

रह सकता है क्या? 

हर पट पर, हर पुट में 

वो हमेशा भरा-भरा होता है! 

हो सकता है, 

वो रिक्तताओं से ही पूर्ण हो! 


सतीश 

मई 22, 2025




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