ऊँघती ऊँचाइयाँ!

“ऊँघती ऊँचाइयाँ!” 


ऊँघती, अनमनी ऊँचाइयों की हमें 

ऐसी लत सी लग गई है,

हर सुबह हँसते हुए सूरज को

अधखुली #खिड़की से देखने की 

आदत सी लग गई है

- सतीश 

2017 

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