रंगमंच
रंगमंच - - नायक , महानायक , खलनायक अपनी - अपनी भूमिका में अति व्यस्त हैं ; किराये के खिलाड़ियों से भरी सभा है , लेखक , पत्रकार , साहित्यकार आँखों की पुतली , तन्मय कठपुतली बनने में तुले हैं , विशेषज्ञ , सर्वज्ञ अपनी अदाओं में मत्त , मस्त हैं ; भिन्न - भिन्न भंगिमाओं के बीच तालियाँ , अठखेलियाँ जारी हैं , हँसती , खेलती , खिलखिलाती चेतनाओं के हार्दिक जमघट में न्याय , पत्र , पुरस्कार आयोजित हैं , प्रायोजित हैं ! बेचारी जनता के पास न कोई रंग , न मंच है , यही उसका जीवन , उसके जीवन का अनोखा रंगमंच है ! सत...