कह दो कहने वालों से


कह दो कहने वालों से 

कि जानता हूँ 

स्वर्ग आज आहत होकर 

धरती पर आया है। 

पर, देता हूँ उनको साधु-मन,

देता हूँ उनको प्रेम-वचन, 

देता हूँ उनको शुद्ध मनन 

कि जो विशेष नहीं, संभव है,

वे भी अशेष हैं, 

जो विशेषज्ञ नहीं, 

हो सकता है, वे हेय नहीं, 

जो विशेषज्ञ नहीं, संभव है,

उनमें भी कुछ ज्ञेय हो,

और, वे भी ज्ञेय हों! 


कह दो कहने वालों से! 


-सतीश 

Dec 30, 2021



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