एक शहर

स्वप्नों की रंग-भरी उड़ानों पर 

महल ऊँचे से ऊँचे होते जाते हैं,

शहर-नगर बसता जाता है,

सभ्यता बनने-बढ़ने-बदलने  की आस में रहती है,

भीड़, रोर, जमाव, ठहराव - 

सब अपनी-अपनी लय में आते-जाते रहते हैं,

 नदी चुपचाप बहती रहती है!


परम्पराएँ-परिपाटियाँ 

समय के अंतस्तल में ठहर कर 

प्रशांत हो जाती हैं;

जीवन की गति-विधा जब गहरी होती है,

वह धीमी हो जाती है! 


30 Nov, 2021 , 

One Raffles Quay, Singapore. 

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