जीवन में जीवन रहे
जीवन में जीवन रहे, सशरीर रहे,
यह जीवन की पहली आवश्यकता है!
सफलता-असफलता, सुख-दु:ख,
क्रोध-अक्रोध, प्रेम-घृणा, तृष्णा-वितृष्णा -
ये जीवन की आती-जाती मेड़ें हैं,
छोटे-बड़े पद-चिन्ह, मान्य-अमान्य पायदान हैं!
ये अलग-अलग या मिल-जुल कर भी
स्वयं जीवन से बड़े नहीं होते, नहीं हो सकते!
जीवन में जीवन रहे, सशरीर रहे,
यह जीवन की पहली आवश्यकता है!
-सतीश
August 21, 2023
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें