जीवन में जीवन रहे


जीवन में जीवन रहेसशरीर रहे,

यह जीवन की पहली आवश्यकता है


सफलता-असफलतासुख-दु:,

क्रोध-अक्रोधप्रेम-घृणातृष्णा-वितृष्णा -

ये जीवन की आती-जाती मेड़ें हैं,

छोटे-बड़े पद-चिन्हमान्य-अमान्य पायदान हैं


ये अलग-अलग या मिल-जुल कर भी 

स्वयं जीवन से बड़े नहीं होतेनहीं हो सकते


जीवन में जीवन रहेसशरीर रहे,

यह जीवन की पहली आवश्यकता है


-सतीश 

August 21, 2023 

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