संदेश
पता नहीं, “संदेश” में “देश” क्यों बैठा है?
कुछ ज्ञात नहीं मुझे, कोई विशेष बोध नहीं,
पर, मन-ही-मन, इस शब्द की बुनावट
और भंगिमा आश्चर्य में डाल देती है,
फिर, कहीं दूर ले जाती है, यों ही!
-सतीश
August 11, 2023.
पता नहीं, “संदेश” में “देश” क्यों बैठा है?
कुछ ज्ञात नहीं मुझे, कोई विशेष बोध नहीं,
पर, मन-ही-मन, इस शब्द की बुनावट
और भंगिमा आश्चर्य में डाल देती है,
फिर, कहीं दूर ले जाती है, यों ही!
-सतीश
August 11, 2023.
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