अँधेरे की धमकी

अँधेरे की धमकी  होती है

कि तिमिर-राशि हमेशा बनी रहती है, 

तम का साम्राज्य सबों पर हावी है।


पर, जिसे उगने-डूबने की आदत है,

जिसके स्वभाव में, स्व भावों में

बार-बार ढँक जाने पर भी

निखर कर उभर आने की प्रवृत्ति है,

उसे इनका बंधन क्यों ?

उलझन क्यों, उद्वेलन क्यों? 

रोक-टोक स्वीकार क्यों? 


-सतीश 

26 Dec, 2021







टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आतंकवाद की शैली

बहुत बार

तुम, भोर के विन्यास सी!