चाँद और चाँदनी
चाँद और चाँदनी
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औरों की तपतपाहट को लेकर
उसे विशद सौंदर्य में बदल देना,
उस सौंदर्य को अपनी पहचान बना देना
चाँद होना है!
दूसरों की आभा को पाकर
उसे आत्मसात् कर लेना, फिर
उसे पूरे अग-जग को सहर्ष सौंप देना,
तिमिर-सत्ता से जूझने की नियत रखना,
उस नियत से जलते, उजलते रहना
चाँदनी है!
सतीश
अगस्त 31, 2023.
(पूर्णिमा)
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