हक़ और हक़दार

हक़ और हक़दार 


नीति’ हो या ‘तेज’ 

“असली” गाँधी हो या ‘प्रताप’! 

हक़दार भूखा-प्यासा मसीहा हो,

हर हक “चारा-सम्पन्न” हो,

सत्ता नियत की ग़रीबी से सम्पन्न हो

जनता बेचारी नियति से विपन्न हो


सतीश 

Oct 3, 2023. 


#बिहार #भारत

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