बिहार में सत्ता का न्याय

 बिहार में सत्ता का न्याय 


टुकड़े फेंक कर जनता को 

टुकड़े-टुकड़े” करने की अश्लील राजनीति चलती रहती है।

तभी तो सत्ताओं के “शीशमहल” बनते हैं,

ग़रीबों के “मसीहा” बनते हैं,

पर, जनता वहीं की वहीं रहती है। 

पिछले तीस साल में बिहार में एक भी उद्योग नहीं खुला,

शिक्षा की हालत बुरी-से-बुरी होती गई,

मज़दूरों तक का पलायन हुआ।

सामाजिक न्याय!


-सतीश 

Oct 10, 2023

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